First AI Teacher In India: नाम Iris, बच्चों से मिलाया हाथ

First AI Teacher In India

First AI Teacher In India: आज के इस आधुनिक जमाने में हम सब AI को लेकर काफी आगे बढ़ रहे हैं। आज AI क्या कुछ नहीं कर सकता, कंटेंट से लेकर वीडियो तक, सब कुछ AI द्वारा कुछ ही पलों में तैयार किया जा सकता है। पर क्या आपने कभी सोचा था कि AI एक अध्यापक की भी जगह ले लेगा।

जी हां दोस्तों हाल ही में भारत की पहली शिक्षक को सबके सामने लाया गया है, जिसका नाम IRIS है। यह इंडिया की पहली AI टीचर है जो कि बच्चों को पढ़ाएगी, उन्हें समझाएगी, उनसे हाथ मिलाएगी और बिल्कुल एक नॉर्मल टीचर की तरह ही बच्चों से पेश आएगी।

First AI Teacher In India, IRIS

First AI Teacher In India: जब पहली बार इरिस को बच्चों के सामने, क्लास रूम में लाया गया तो वह एक सुंदर सी लाल साड़ी पहने हुई थी। इरिस बच्चों के सामने खड़ी हुई थी और हर एक सवाल का जवाब देने के लिए तैयार थी। हालांकि इरिस की आवाज सामान्य आवाज से अलग थी और वह दिखने में एक रोबोट लग रही थी, पर वह अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी जैसी भाषा में किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार थी।

IRIS AI Teacher
IRIS AI Teacher

First AI Teacher In India: जैसा कि हमने बताया कि यह एक AI टीचर है, तो यह बाकी शिक्षकों से पूरी तरह से अलग है। यह रोबोट मेकरलैब्स एजुकेट प्राइवेट लिमिटेड के श्याम बाबू द्वारा बनाई गई इंडिया की पहली AI टीचर है।

इस AI टीचर को बनाने वाले श्याम बाबू कहते हैं कि “मैं आइरिस को पैसे कमाने का एक विचार या साधन के रूप में नहीं देखता हूं, मैं शिक्षा को बढ़ाने और बांटने में विश्वास रखता हूं। ज्ञान पैसे कमाने का व्यवसाय नहीं है और ना ही कभी होना चाहिए।

केरल के तिरुवंतपुरम में हुआ का निर्माण

First AI Teacher In India: केरल के तिरुवंतपुरम से यह एक नया अविष्कार सामने आया है, यहां के एक स्कूल ने भारत का पहला AI शिक्षक रोबोट इरिस पेश किया है। इसको बनाने वाले श्याम बाबू का कहना है कि यह एक शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी रोबोट साबित होगा।

केरल की एक हायर सेकेंडरी स्कूल में जहां Iris का पहली बार सबके सामने स्वागत किया गया, वहां यह स्कूल के बच्चों की बहुत ही जल्दी एक सबसे करीबी दोस्त भी बन गई।

First AI Teacher In India: इस AI टीचर को बनाने वाले श्याम बाबू ने इस टीचर को सबके सामने पेश करते हुए इसके बारे में कई सारी बातें बताई, जिसमें से उन्होंने कहा कि यह एक AI अध्यापक है जो कि कंप्यूटर प्रोग्राम से बनाई गई है। यह आपके सभी प्रश्नों का उत्तर देने में पूरी तरह से सक्षम है। उन्होंने एक ही टीचर को बनाने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि वह भी शिक्षकों के काम से काफी ज्यादा आकर्षित होते थे, पर उन्हें लगता था कि भारतीय शिक्षा प्रणाली में अभी भी कहीं ना कहीं कोई कमी है।

First AI Teacher In India: बच्चों का हर सवाल का जवाब देने के लिए एक AI टीचर की बहुत ही ज्यादा आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब वह इस AI शिक्षक को बना रहे थे तो उनके दिमाग में सिर्फ उनकी मां थी। हालांकि उन्हें पता था कि वह क्या बना रहे हैं, पर उन्होंने अपने जीवन के सभी अनुभवों को एक साथ जोड़कर तथा कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में की गई पढ़ाई के एक्सपीरियंस से उन्होंने इस अद्भुत अध्यापिका का निर्माण किया।

IRIS ने की बच्चों के साथ खूब बातें

First AI Teacher In India: वह कहते हैं कि उनके पास शुरुआत में शिक्षक को बनाने के लिए कोई भी सॉफ्टवेयर नहीं था, पर जब उन्होंने बनाना शुरू किया तो कुछ ही समय में सब कुछ बनता गया, उन्होंने दिन रात काम किया और तब जाकर यह एक ऐसा अद्भुत बुद्धिमान AI शिक्षक बन पाया, जो आज हर सवाल का जवाब देने में पूरी तरह से सक्षम है।

First AI Teacher In India: इस रोबोट टीचर का नाम रखने के लिए भी कई सारे लोगों ने अपने-अपने विचार दिए, पहले इसका नाम सुरभि रखा पर उसको इस AI टीचर ने खुद ही गलत बता दिया, उसके बाद इसका नाम Iris रखने का फैसला लिया गया। इरिस नाम पूरी तरह से उपयुक्त है क्योंकि यह एक रोबोटिक इंटेलिजेंट सिस्टम है और इरिस नाम से ऐसा महसूस भी होता है। अभी तक Iris सिर्फ अंग्रेजी मलयालम और हिंदी में बोलने के लिए तैयार है पर श्याम बाबू का मानना है कि वह जल्द ही इसे भारत की सभी भाषाओं के साथ जोड़ देंगे।

IRIS
IRIS

First AI Teacher In India: हालांकि यह टीचर अभी देखने में पूरी तरह से एक बेबी डॉल लगती है, अभी इसमें सुधार की बहुत ही ज्यादा गुंजाइश है और भी ज्यादा इसमें काम करना है। उन्होंने इसको लेकर बच्चों के साथ हुए एक्सपीरियंस को भी साझा किया कहा कि फरवरी 2024 की शुरुआती दिनों में जब इरिस को स्कूल ले जाया गया तो बच्चे इसे देखकर घबरा गए, पर जैसा कि उन्होंने बताया कि यह अभी तक पूरी तरह से बनी हुई नहीं है, अभी इसमें बहुत सारा काम करना है।

First AI Teacher In India: बॉडी फ्रेम, आउट लेयर, यह नॉर्मल इंसान की तरह भी बनाई जा सकती है। श्याम बाबू कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि वह उसको बनाकर कितने ज्यादा खुश हैं, संतुष्ट हैं पर उन्हें यह जरूर पता है कि यह आगे चलकर शिक्षा के छेत्र में एक बहुत ही अहम भूमिका शिक्षा निभाने वाली है। Iris को जब बच्चों के सामने ले जाया गया तो उसने बच्चों से हाथ मिलाया, उनके सवालों का जवाब दिया और एक अच्छे दोस्त की तरह उनसे बात की।

First AI Teacher In India: हम सब जानते हैं कि भारत बहुत ही तेज गति से आगे बढ़ता जा रहा है इस तरह का AI हमारे जीवन की बहुत सारी गतिविधियों को आसान कर देगा। इसका इस्तेमाल एक शिक्षक के रूप में, एक नर्स के रूप में, अस्पतालों में, कॉलेज में, बहुत जगह किया जा सकता है।

IRIS India First AI Teacher
IRIS India First AI Teacher

आशा करते हैं इस लेख (First AI Teacher In India) के माध्यम से आपको कुछ प्रेरणा मिली होगी, यह एक सपने जैसा है पर सच कहूं तो यह हकीकत है। देश बहुत ही तेज गति से आगे बढ़ रहा है जिसके लिए हम सबको गर्व है। लेख अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें, अगर कुछ सवाल पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करें, लेख को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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